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Tuesday, March 31, 2009
Monday, March 30, 2009
Saturday, March 28, 2009
Monday, March 16, 2009
नज्मो की सौगात ...
हिन्द-युग्म पर यूनिकवि प्रतियोगिता के चौथे स्थान की कविता की रचयिता रश्मि प्रभा जी मानती हैं कि यह इनका सौभाग्य है कि ये महाकवि पन्त की मानस पुत्री सरस्वती प्रसाद की बेटी हैं और इनका नामकरण भी सुमित्रा नंदन पन्त ने किया था। तथा इनके नाम के साथ अपनी स्व रचित पंक्तियाँ पंत ने इनके नाम की... "सुन्दर जीवन का क्रम रे, सुन्दर-सुन्दर जग-जीवन"। शब्दों की पांडुलिपि इन्हें विरासत में मिली है। इनका मानना है कि अगर ये शब्दों की धनी न होतीं तो इनका मन, इनके विचार इनके अन्दर दम तोड़ देते...इनका मन जहाँ तक जाता है, इनके शब्द उसकी अभिव्यक्ति बन जाते हैं... शैक्षणिक तौर पर इतिहास ऑनर्स में स्नातक रश्मि प्रभा जी की रचनाएँ "कादम्बिनी", "वांग्मय" और कुछ महत्त्वपूर्ण अखबारों में प्रकाशित हो चुकी हैं।
Friday, March 6, 2009
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