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Tuesday, December 23, 2008

Tuesday, December 16, 2008

Tuesday, November 25, 2008

Tuesday, November 18, 2008

Blessing Frd ...


Urself up ...


शुक्रिया आपका ...

शुक्रिया आपका के ऐसी दोस्ती दे दी ,
हमारे सबंध में कैसी सुन्दरता दे दी .

दुनिया में खून के सबंध टूट जाते है ,
पर मुझे दोस्ती में भी केसी पवित्रता दे दी .

कोई भी बात कह सकते है एक - दूजे को ,
दोस्त तुमने तो पूरी की पूरी सत्ता दे दी .



नहीं तोड़ सकते इस दोस्ती को किसी भी तरह
हमारे सबंध में "श्री-श्री" ने केसी अतुट्ता दे दी .

मैं अपूर्ण थी ... आपकी दोस्ती बिना ,
आपने साथ देके कैसी पूर्णता दे दी …

Dedicated to My Gr8 Frd.....

About being ...


मित्रता ...

शब्दों से तो सब कहते है,
शब्दों से क्या कहु ?
मोहब्बत एसी दिल से भरी,
चलो आपको कुछ "दिल" से कहु …

हर तरफ अंधकार ही देखा ,
अंधकार की तो क्या बात कहु ?
सुनहरी किरण बन आए आप् ,
चलो आज आपको "उजास" कहु ….

लगता था हर तरफ़ हताशा ही हताशा है ,
जीवन मैं आये दर्द का क्या कहु ?
हँसा दिया पल भर में आपने,
चलो आपको "प्रेरणा" कहु . . .

दुनिया तो सारी स्वार्थ से भरी ,
स्वार्थी संबंधो को क्या कहु ?
प्यार एसा निस्वार्थ आपका ,
चलो आपको "मित्रता" कहु ..,,

Dedicated to my Gr8 friend …

Monday, November 17, 2008

दोस्ती...

दोस्त - दोस्ती की कोई परिभाषा मुमकिन नहीं होती, क्यों की हर इंसान के लिए दोस्ती के मायने अलग - अलग होते है। दोस्त बनाये नहीं जाते बस बन जाते है। कैसे , कब , कहा पता भी नहीं चलता है। मेरे लिए दोस्ती जिन्दगी की एसी खुश्बू है, जो हर लम्हा, हर पल, महकती रहती है।