दोस्त - दोस्ती की कोई परिभाषा मुमकिन नहीं होती, क्यों की हर इंसान के लिए दोस्ती के मायने अलग - अलग होते है। दोस्त बनाये नहीं जाते बस बन जाते है। कैसे , कब , कहा पता भी नहीं चलता है। मेरे लिए दोस्ती जिन्दगी की एसी खुश्बू है, जो हर लम्हा, हर पल, महकती रहती है।
Monday, November 17, 2008
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